HP POLICE CONSTABLE FREE TEST SERIES – HP MOCK PAPER

HP POLICE CONSTABLE FREE TEST SERIES

HP CONSTABLE FREE TEST SERIES: (HP Police CONSTABLE FREE TEST SERIES) Himachal Pradesh Police has annonced the date of HP Police Constable exam 2019. Subject: WRITTEN TEST IN CONNECTION WITH RECRUITMENT OF CONSTABLES-2019 The competent authority has apporoved that the written test will be held in all district on 11-August-2019. Exam Date: 11-08-2019 (Sunday,Morning{10AM}) HP CONSTABLE First Mock Paper: CONSTABLE 1 TEST SERIES pdf Answer Key: HP CONSTABLE TEST SERIES 1 ANSWER KEY HP CONSTABLE Second Mock Paper: HP CONSTABLE TEST SERIES 2 Answer Key: HP CONSTABLE ANSWER KEY 2…

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History Of Kinnaur District || Kinnaur District History

Kinnaur District History

KINNAUR RIYAST: Kinnaur has been a part of the ancient principality Bushahr.( किन्नौर प्राचीन रियासत बुशहर का हिस्सा रहा है।) हिन्दूधर्म  ग्रन्थ में किन्नर लोगो को “अश्वमुखी” कहा गया है। तिब्बती लोग Kinnaur को “खुनू” कहते है। पांडवों ने 12 वर्षों का बनवास किन्नौर में बिताया। Kinnaur प्राचीन काल(ancient time) में  Bhushar का हिस्सा रहा है। इसलिए किन्नौर अर्थात Bhushar Riyast की  स्थापना बनारस के चन्द्रबंशी राजा “प्रधुम्न” ने की।  राजा “प्रधुम्न” ने कामरू में राजधानी स्थापित कर Bhushar Riyast की नीव रखी।  सातवीं से दसवीं सदी के बीच तिब्बत…

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HISTORY OF LAHAUL-SPITI ||LAHAUL-SPITI kA ITIHAS||HP EXAM

LAHAUL-SPITI RIYAST:  Lahaul-Spiti is made up of two letters, Lahaul and Spiti. Lahaul literally means “the land of the gods” Lahaul Spiti is also known as “Garja” and “Swangla”. Spiti literally means “land of beads/ मणियों की भूमि” History हेनसांग ने 635 ई. में Kullu or Lahaul की यात्रा की थी। हेनसांग के अनुसार Spiti पर सेन राजाओं का राज था जिसके पहले राजा “समुद्र सेन”    थे। छेतसेन के समय Spiti लद्दाख के अधीन आ गयी। Spiti के शासकों को नानो भी कहा जाता है।  8 वीं सदी में Lahaul…

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MANDI DISTRICT HISTORY || HISTORY OF MANDI ||HPEXAM

HISTORY OF MANDI DISTRICT

मंडी रियासत (MANDI STATE): मंडी रियासत (Mandi State) की स्थापना “बाहुसेन” ने 1000 ई. की थी। बाहूसेन सुकेत रियासत के राजा “साहूसेन” के छोटे भाई थे। “अजबर सेन” ने 1527 ई. में मंडी (Mandi) शहर की स्थापना की और उसे अपनी राजधानी बनाया।  “अजबर सेन” 1527 ई. में Mandi के राजा बने थे। अजबरसेन ने मंडी शहर में भूतनाथ मन्दिर का निर्माण करवाया और उनकी पत्नी रानी “सुलताना देवी” ने मंडी में “त्रिलोखनाथ” मंदिर का निर्माण करवाया था।      “सिद्धसेन” (1678-1727 ई.) एक योग्य और कुशल योद्धा थे।“सिद्धसेन” के…

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HISTORY OF BILASPUR ||BILASPUR HISTORY FOR HPSSC EXAM||

HISTORY OF BILASPUR

Bilaspur state  (बिलासपुर रियासत): बिलासपुर (Bilaspur) को “कहलूर रियासत” के नाम से भी जाना जाता था। बिलासपुर रियासत की स्थापना राजा “वीरचंद” ने 900 ई. में की थी।     “वीरचंद” बिलासपुर जिले (Bilaspur district) में नैना देवी मंदिर का भी निर्माण करवाया था।    ह्न्डुर रियासत की स्थापना जिसे हम अब नालागढ़ के नाम से जानते है इसकी स्थापना कहालचंद के पुत्र अजय चंद ने की थी। बिलासपुर रियासत (Bilaspur state) के राजा रहे “मेघचंद” बहुत ही कठोर बर्ताव और गुस्से वाले थे। उनके इसी बर्ताव के कारण उनके रियासत…

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HISTORY OF UNA DISTRICT | UNA HISTORY FOR HAS |UNA HP GK

HISTORY OF UNA

UNA STATE (ऊना रियासत): Una District,ऊना का पुराना नाम “जस्वा” था और इसे “जस्वान दून” के नाम से भी जाना जाता था । “जस्वा” रियासत की स्थापना 1170 ई. में काँगड़ा के कटोच वंशज के राजा “पूर्व चंद” ने की थी। कुटलेहर रियासत भी UNA  District का हिस्सा थी जो काँगड़ा रियासत से टूट कर बनी थी। कुटलेहर रियासत काँगड़ा जिले की सबसे छोटी रियासत थी। कुटलेहर रियासत की स्थापना जसपाल नामक ब्राह्मण ने की थी। कुटलेहर रियासत की राजधानी “कोट कहलूर” थी। “कोट कहलूर” रियासत का निर्माण “कहाल चन्द्र” ने…

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HISTORY OF HAMIRPUR DISTRICT |HAMIRPUR HISTORY FOR HPALLIED|TGT

HISTORY OF HAMIRPUR

हमीरपुर रियासत(Hamirpur State): राजा “हमीरचंद” ने HAMIRPUR की स्थापना 1743 ई. में की थी। 1743 ई. राजा “हमीरचंद” ने एक किले का निर्माण करवाया, वही किला आगे जाकर HAMIRPUR कहलाया। काँगड़ा के राजा “अभयचंद” ने 1748 ई. में सुजानपुर की पहाड़ियों पर दुर्ग और महल बनवाये जो “Tihra” नाम से प्रसिद्ध हुए। कुछ सालों बाद काँगड़ा के राजा “संसारचंद” बने। काँगड़ा के राजा “संसारचंद” ने Sujanpur Tihra को अपनी राजधानी बनाया। राजा “संसारचंद” ने 1793 ई. में Sujanpur में गोरीशंकर मंदिर का निर्माण करवाया। 1820 ई. में “विलियम मुरक्राफ्ट” और…

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HISTORY OF SOLAN || सोलन का इतिहास || HPSSC ||HPSSB

HISTORY OF SOLAN || सोलन का इतिहास || HPSSC ||HPSSB

बघाट रियासत (Baghat state): बघाट रियासत की स्थापना “बसंत पाल ”और “हरिचंद पाल” ने की थी”। राणा इंद्रपाल ने रियासत का नाम “बघाट” रखा था”। बघाट रियासत के पहले स्वतंत्र शासक “राणा महेंद्र सिंह” बने”। “राणा महेंद्र सिंह” की 1839 ई. में मृत्यु हो गयी और उनकी कोई संतान न होने के कारण “बघाट रियासत”(Baghat state) ब्रिटिश सरकार के नियंत्रण में आ गयी। “राणा महेंद्र सिंह” की मृत्यु के बाद “राणा विजय सिंह” बघाट रियासत का शासक बना।“राणा विजय सिंह” की मृत्यु के बाद, उनकी कोई संतान न होने के…

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HISTORY OF SIRMOUR || SIRMOUR KA ITIHAS || HAS || HPSSB

सिरमौर रियासत(Sirmour state): सिरमौर रियासत(Sirmour state) की स्थापना 1139 ई. में जेसलमेर के राजा सालवाहन के पुत्र “राजा रसालू” ले की थी। “रंजोर सिंह” के द्वारा लिखी गयी पुस्तक “तारीख-2 रियासत सिरमौर” के अनुसार सिरमौर रियासत का प्राचीन नाम “सुलोकिना” था। माहे प्रकाश(1199-1217 ई.) तक सिरमौर(Sirmour)पर राज किया। उन्होंने भागीरथी नदी के पास “मालदा किले” पर कब्जा कर उनका नाम “माहे देवल” रखा। मेदनी प्रकाश(1678-1694 ई.) के शासनकाल में सिखों के 10वें गुरु “गुरुगोविंद सिंह” जी नाहन और पोंटा आये। “गुरु गोविन्द सिंह” जी 1684-1688 ई.तक पोंटा साहिब रहे और…

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HISTORY OF SHIMLA || शिमला का इतिहास || TGT || PGT

HISTORY OF DISTRICT SHIMLA

शिमला रियासत (SHIMLA STATE) : बलसन रियासत की स्थापना 12वीं शताब्दी में हुई थी। Balsan riyast की स्थापना सिरमोर रियासत के राठोर वंशज “अलक सिंह” ने की थी। Balsan Riyast 1805 ई. से पहले सिरमोर रियासत की जागीर थी उस समय इस रियासत पर “जोगराज सिंह” का राज था। बलसन के राजा “जोगराज सिंह” को ब्रिटिश सरकार ने 1858 ई. में “खिल्लत” और “राणा” काख़िताब दिया  क्यूंकि जोगराज सिंह ने 1857 ई. के विद्रोह में ब्रिटिश सरकार का साथ दिया और बहुत से यूरोपीय नागरिको को बलसन रियासत में शरण दी…

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